16 फीसदी अंक लाने पर भी पास होंगे 10वीं के विद्यार्थी
By dsp bpl On 31 Jan, 2017 At 03:01 PM | Categorized As मध्यप्रदेश, राजधानी | With 0 Comments

गुना। बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट सुधारने व विद्यार्थियों को अन्य गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार ने नई कवायद शुरू की है। इसके तहत 10वीं कक्षा में कोई भी विद्यार्थी फैल नहीं होगा। अब परीक्षा में 16 फीसदी अंक लाने वाले छात्र को 33 प्रतिशत मान लिया जाएगा और वे पास हो जाएंगे। खेलकूद व अन्य गतिविधियों के अंक भी रिपोर्ट कार्ड में जोड़े जाएंगे। शिक्षकों व प्राचार्यों ने इस बात का विरोध करते हुए इसे गलत ठहराया है। साथ ही कहा कि अभी फिलहाल इससे जुड़ा कोई आदेश उन्हें नहीं मिला है। शिक्षकों का कहना है कि इस प्रक्रिया से शिक्षा व्यवस्था लचर होने के साथ गुणवत्ता भी घटेगी।

पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा खत्म करने का असर 9वीं कक्षा में देखने को मिल रहा है। अब दोबारा इन कक्षाओं को परीक्षा प्रणाली लागू की जा रही है। इस साल जिले के केंद्रों पर विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इसमें प्राइवेट विद्यार्थी भी शामिल हैं। इन गतिविधियों के मिलेंगे 20 अंक जानकारी के अनुसार सहशैक्षिक गतिविधियों में एनसीसी, बालरंग, खेल प्रतियोगिता, मोगली उत्सव जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है। वहीं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में संस्कृत को वैकल्पिक कर दिया है। इन गतिविधियों में अव्वल आने पर छात्रों को 20 अंक का लाभ मिलेगा। संख्या बढ़ेगी, गुणवत्ता घटेगी सहशैक्षिक गतिविधियों के अंक का विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। केवल 16 फीसदी अंक लाने वाले छात्र को 33 प्रतिशत मानकर पास करना उचित नहीं है। इससे पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी लेकिन शैक्षणिक गुणवत्ता घटेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में परेशानी होगी। निजी क्षेत्रों में अब बगैर परीक्षा के जॉब नहीं मिलता। युवाओं में निराशा बढ़ेगी। 60 अंक का होंगा पेपर माध्यमिक शिक्षा मंडल अब 100 की बजाय 60 अंक का प्रश्नपत्र होगा, बाकी 40 अंक तिमाही, छमाही और सहशैक्षिक गतिविधियों के होंगे। इसमें 20 फीसदी अंक तिमाही और छमाही परीक्षा के होंगे और 20 सहशैक्षिक गतिविधियों के होंगे।

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