Home मध्यप्रदेश महाकाल मंदिर में पहली बार हुई पुष्प वंदना स्पर्धा, दृष्टिबाधितों ने लिया...

महाकाल मंदिर में पहली बार हुई पुष्प वंदना स्पर्धा, दृष्टिबाधितों ने लिया भाग

33
0

उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर प्रांगण में पहली बार अनूठी पुष्प वंदना प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद्र गेहलोत शामिल हुए और प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने महाकाल मंदिर में पहली बार पुष्प वंदना स्पर्धा पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि, नवाचार करते रहना चाहिए। फूलों का भी अपना एक महत्व है। फूल चढाए बगैर भगवान की भी पूजा संपन्न नहीं होती। इस प्रतियोगिता में हार बनाने वाले माली के अलावा दृष्टिबाधित बच्चों ने भाग लेकर फूलों की नई-नई आकर्षक कलाकृतियों का निर्माण किया, यह प्रशंसनीय है।

कलेक्टर संकेत भोंडवे उज्जैन के निर्देश पर इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र डॉ स्वाति उपाध्याय द्वारा 25 दृष्टिबाधितों से सहभागिता करवाई गई। सभी दृष्टिबाधितों ने विभिन्न रंगों के फूलों के माध्यम से अपने मन की सोच को भिन्न भिन्न कलाकृति के रूप में प्रस्तुत किया। फादिमा शैख द्वारा पीले रंग के फूलों से महाकाल का शिवलिंग बनाया गया। तो किसी ने डमरू और किसी ने माता पार्वती के श्रृंगार के लिए हार, कर्ण फूल माथे का टीका आदि बनाया।

अल्पदृष्टिबाधितों ने गुलाब, आंकड़े मोगरा गुलदावदी के फूलों से ऐसी रंगोली बनाई की दर्शक बने सामाजिक न्याय व् अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, उर्जामंत्री पारस जैन, विद्यायक मोहन यादव भी दिव्यांग दृष्टिबाधितों की तारीफ करने से अपने आप को नहीं रोक सके।

केन्द्रीय मंत्री गेहलोत ने कहा कि, नवाचार के रूप में पुष्प वंदना प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इसमें राशि बढ़ाई जाए। अगली बार जब भी ऐसी प्रतियोगिता अयोजित की जाये उसमें कम से कम 5 हजार की राशि प्रथम प्रतिभागी को दी जाए। ऊर्जा मंत्री पारस जैन ने पुष्प वंदना प्रतियोगिता के आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां आयोजित होती रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में दिव्यांजनों ने भाग लेकर फूलों की अलग-अलग प्रकार की कृतियों का निर्माण किया हैं, वह प्रशंसनीय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here