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देने का सुख अतुलनीय, जिस काम से तन-मन प्रफुल्लित हो जाए, वही आनंद है: सीएम

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भोपाल। पाने का सुख अपनी जगह है, पर देने का सुख अतुलनीय होता है। जिस काम से तन और मन प्रफुल्लित हो जाए, वही सच्चा आनन्द है। यदि हम अपने काम से, अपने प्रयासों से और अपने सच्चे आचरण से दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल हो सके, तो समझिये जीवन का सुखानन्द यही है। प्रदेश के नागरिकों के जीवन में आनन्द की अभिवृद्धि करने के लिये आनन्द विभाग के माध्यम से आनंदम प्रकल्प की शुरूआत आज से हुई है। यह एक स्थाई प्रकल्प होगा जिसमें सभी धार्मिक, समाजिक, सांस्कृतिक एवं स्वयंसेवी संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों को जोड़ा जायेगा। आनन्द प्रसार की कोशिश हमेशा जारी रहेगी।

इस आशय के उदगार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार का राज्य स्तरीय आनंदम् कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान के इस संबोधन का प्रदेश के सभी जिलों में हो रहे आनन्दम कार्यक्रम के दौरान टीव्ही के जरिए सीधा प्रसारण किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के आनन्द विभाग मंत्रालय द्वारा पूरे प्रदेश में 14 से 21 जनवरी तक आनन्दोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आनन्दम कार्यक्रम के जरिए आज आनन्दोत्सव का शुभारंभ किया गया। पूरे प्रदेश में अब तक 21 हजार से अधिक लोगों ने आनन्दक के रूप में पंजीयन करा चुके हैं।

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