Home मध्यप्रदेश ग्रामीणों द्वारा छुड़ाई गई बंदूक लेने आए पारदी बदमाश, बरसाईं अंधाधुंध गोलियां

ग्रामीणों द्वारा छुड़ाई गई बंदूक लेने आए पारदी बदमाश, बरसाईं अंधाधुंध गोलियां

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गुना। कैंट थाना क्षेत्र के किशनगढ़ गांव में बीती रात एक बार फिर पारदी बदमाशों ने दहशत फैला दी है। पूर्व में ग्रामीणों द्वारा छुड़ाई गई बंदूक को वापस लेने आए पारदी बदमाशों ने एक के बाद एक कई राउंड फायर किए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। गोलीबारी की आवाज सुनकर पूरा गांव जाग गया, जिससे बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो सके।

दरअसल किशनगढ़ निवासी कैलाश सिंह लोधा (60) के पुत्र दिनेश की गांव में कंट्रोल की दुकान हैं। गत 21-22 दिसम्बर की दरमियानी रात तकरीबन 1 बजे शटर तोडऩे की आवाज सुनकर कैलाश सिंह जाग गए। वह यह देखने के लिए दूसरे दरवाजे से बाहर आए कि कौन क्या हरकत कर रहा है। 3 बदमाश शटर तोड़ रहे थे। उन्हें रोका तो बोल चुप रह और हमें हमारा काम करने दे। आरोपियों को रोका तो उन्होंने बंदूक से फायरिंग कर दी। इससे बचने के लिए कैलाश जमीन पर लेट गए। फरियादी आरोपी से भिड़ गया और उनकी बंदूक पकड़ ली। आरोपियों ने देखा कि सामना करना मुश्किल है तो वह भाग खड़े हुए। बाद में छुड़ाई गई बंदूक को कैलाश ने पुलिस के हवाले कर दिया। इसी रंजिश को लेकर पारदी बदमाशों ने एक बार फिर उसकी दुकान पर धावा बोल दिया।

छलनी में तब्दील हो गई दुकान की शटर
तीन अलग-अलग मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए आधा दर्जन पारदी बदमाशों ने रविवार रात तकरीबन 11 बजे किशनगढ़ गांव में पहुंचकर एक बार फिर दहशत फैला दी। कैलाश लोधा की कंट्रोल दुकान के सामने खड़े होकर उन्होंने कई राउंड फायर किए। बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग के बाद दुकान की शटर छलनी मे ंतब्दील हो गई। शटर के भीतर झांकने पर अंदर 12 बोर की कारतूस के छर्रे जगह-जगह बिखरे नजर आए। घटना की जानकारी रात में ही पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने पहले की तरह इस घटना पर भी गंभीरता नहीं दिखाई।

रात में नहीं पहुंची डॉयल-100
वारदात के तुरंत बाद ही इसकी सूचना डायल 100 और कैंट पुलिस को इसकी सूचना दी। लेकिन ढाई घंटे बाद पुलिस पहुंची। गांव के लोगों ने भी फायरिंग की बात बताई, लेकिन पुलिस घटना की पुष्टि करने में संकोच करती रही। पुलिस का कहना है कि बदमाश गांव में आए थे, जिनकी सर्चिंग की जा रही है।

बंदूक वापस लेने के इरादे से की गोलीबारी
हिम्मत दिखाकर पारदी बदमाशों से जूझने वाले कैलाश लोधा व उसके पुत्र दिनेश लोधा को बहादुरी दिखाना अब भारी पड़ता नजर आ रहा है। जिस प्रकार बदमाश गांव में घुसकर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की घटना को अंजाम दिया, उससे न केवल कैलाश लोधा का परिवार भयभीत हो गया है, बल्कि पूरे गांव में डर का माहौल बन गया है। इस मामले में पुलिस अब तक गंभीरता नहीं दिखा रही है।

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