Home भारत डिजिटल क्रांति में भारत पीछे नहीं रहेगा: रविशंकर प्रसाद

डिजिटल क्रांति में भारत पीछे नहीं रहेगा: रविशंकर प्रसाद

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नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में भी काफी अच्छे काम होते आये हैं। इन अच्छे काम करने वालों को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनआईसी देश का सारा डिजिटल कार्यक्रम चला रहा है। हम चाहते हैं कि एनआईसी दुनिया का सबसे बड़ा नवाचार केंद्र बने। रविशंकर प्रसाद सोमवार को यहां विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में बदलाव के जरिये देशवासियों को जागरूक और शिक्षित देखना चाहती है।

उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को बदलने वाली कई क्रांतियों का हिस्सा नहीं बन पाया लेकिन हम डिजिटल क्रांति में पीछे न रहेें। डिजिटल कनेक्टिविटी और अकाउंटेबिलिटी ने देश में आम आदमी तक सुविधाएं पहुंचाई हैं। देश तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन यह सरकार में बैठे लोगों पर है कि वह कितना अपने को बदलते हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने और डिजिटल शिक्षा और हेल्थ को बढ़ावा देने वालों को भी पुरस्कृत किया जाना चाहिए। इस दौरान 8 श्रेणियों में 27 डिजिटल भारत पुरस्कार-2016 प्रदान किये गए। केंद्र से लेकर जिला स्तर तक डिजिटल माध्यमों से जनसुविधा प्रदान करने वालों को यह पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। इस बार पहली बार 3 नई श्रेणियां शामिल की गई हैं।

इस दौरान ई सेवाओं से जुड़ा पोर्टल लांच किया गया जिससे 1955 सरकारी सेवाओं तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। केंद्रीय राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि सूचना और जानकारी कई स्तरों पर लोगों तक पहुँच रही हैं। आज इसके चलते दूरदराज के इलाकों में भी सरकारी सुविधाएं डिजिटल माध्यमों से पहुँच रही हैं। हमें तकनीक अपनाने और उससे तैयार करने वाले देश के तौर पर विकसित होना होगा। चौधरी ने आशा व्यक्त की कि इस डिजिटल अवार्ड से इस दशा में और अधिक बेहतर प्रयास होंगे। प्रिंसिंपल साइंटिफिक सलाहकार अजय कुमार ने कहा कि हम सब जो इस बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं और इससे लोगों को सुविधा प्रदान कर रहे है। इसकी वजह से आज दुनिया हमारी और देख रही है।

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