Home राजधानी नियमित डायरी लेखन से सुधरेगा अक्षर ज्ञान

नियमित डायरी लेखन से सुधरेगा अक्षर ज्ञान

33
0

भोपाल। हिंदी भाषा के शुद्ध लेखन को लेकर विभाग अब स्कूलों में छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों को नियमित डायरी लेखन की आदत डालने जा रहा है। निरंतर लेखन से उनकी हिंदी शुद्ध होने के साथ अक्षर भी सुंदर बनने लगेंगे। परीक्षाओं के दौरान भाषा व शुद्धता के चलते अंकों में आने वाली कमी भी उक्त प्रयोग से दूर होगी। डायरी में बच्चे पुस्तकों के पाठों के अलावा अपने परिवार व समाज से जुड़े अनुभव भी लिखने की आदत सीखेंगे।

भाषा की शुद्धता और लेखन की गलतियों में सुधार के साथ लेखन कार्यशैली तथा दैनिक जीवन में रोजमर्रा के उतार चढ़ाव को भी लिपिबद्ध करने की आदत छात्रों में विकसित होगी। छात्रों के लेखन कार्य की जांच सप्ताह में एक बार कक्षा के अध्यापक करेंगे। इस परीक्षण के बाद शिक्षक उसमें भाषागत त्रुटियों को ठीक कर बच्चों को बताएंगे कि वे मात्रा या लेखन में किस तरह से सुधार करें। विभाग के अनुसार नियमित डायरी लिखने से बच्चे अपनी मन की बात जो वे सबके सामने कहने से हिचकते हैं वह भी डायरी के माध्यम से जाहिर कर सकेंगे। विभाग ने उक्त योजना को लेकर यह प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव पर सहमति बनते ही योजना अगले सत्र से स्कूलों में आरंभ कर दी जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here