Home मध्यप्रदेश भुगतान की समस्या के चलते मंडियों में लगे ताले, किसान परेशान

भुगतान की समस्या के चलते मंडियों में लगे ताले, किसान परेशान

64
0

_1475865019गुना। 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद पैदा हुईं समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं है। आमजन तो इससे परेशान है ही, किसानों की दिक्कतें भी दूर नहीं हो पा रही हैं।

भुगतान की समस्या को लेकर आरोन मंडी तो हंगामे और चक्काजाम के बाद पहले ही बंद हो गई थी, आज मधुसूदनगढ़ मंडी में भी अघोषित ताले डल गए है। हालांकि यहां कारण नोटबंदी नहीं, बल्कि दर बढ़ाने को लेकर हम्मालों की हड़ताल है। इसके साथ ही गुना सहित जिले भर की मंडियों में भी इसी तरह के हालात बने हुए है। इन मंडियों में भी डाक कभी भी बंद हो सकती है। हालांकि प्रशासन व्यवस्था बनाने की कोशिशों में लगा हुआ है, किन्तु बैंक में नगदी की दिक्कतों के कारण उसके प्रयास सफल नहीं हो रहे है। एक सप्ताह से बैंक नगदी के संकट से जूझ रहे है ।

हम्मालों ने की हड़ताल
बताया जाता है आज सुबह हम्मालों ने अचानक अपनी दर बढ़ाने को लेकर आवाज उठाई। इसके चलते किसी तरह दोपहर में डाक शुरु हो पाई.ा। इस बीच किसान काफी परेशान हुए, वहीं  थोड़े समय ही कुछ किसानों का माल तौला गया, किन्तु इसके बाद हम्मालों ने काम करने से मना कर दिया। इससे मंडी समिति ने भी मंडी बंद की घोषणा कर दी। प्रबंधन ने कल 7 दिसंबर को भी मंडी बंद होना बताया है।  इसके बाद किसानों की समस्या और बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि पहले चैक के बाद देरी से भुगतान की समस्या चल ही रही थी,इसके बाद अब मंडी बंद होने से स्थिति और  गंभीर हो जाएगी।

आरोन मंडी भी बंद
आरोन मंडी में बैंक से देरी से भुगतान के कारण बीते रोज हंगामा मचने के बाद खरीदी बंद हो गई थी, वहीं आज व्यापारियों ने खरीदी नहीं की। व्यापारियों ने बताया कि किसानों को जो चैक दिए जा रहे हैं, बैंक उनका समय पर भुगतान नहीं कर रहा है और किसान लौटकर उनके पास  विवाद कर रहे है। इसलिए व्यापारियों ने खरीदी बंद कर दी है। उनका कहना है कि जब तक बैंक में लेन-देन ठीक नहीं होता है,वह खरीदी नहीं करेंगे।

बेहतर फसल की थी उम्मीद, पैसा पास न होने से बढ़ा संकट
नोटबंदी से पैदा हुईं किसानों की समस्याएं बरकरार है। पहले नोटबंदी के बाद भरे सीजन में लगातार 10 दिन मंडी बंद रहने से समस्याएं बढ़ीं तो अब  चैक का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे किसानों के पास पैसा नहीं है। किसानों का कहना है कि अब ऐसे में फिर मंडी बंद होतीं है तो उनकी समस्याएं और बढ़ जाएंगी। किसानों के मुताबिक  तीन साल के बाद अच्छी बारिश और मौसम भी अनुकूल होने से से शानदार उपज मिलने की उम्मीद जगी थी, किन्तु पैसा पास नहीं होने से संकट छा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here