Home मध्यप्रदेश कोयला उत्पादन के लिए किए गए बारूदी धमाकों से मकानों में दरारें

कोयला उत्पादन के लिए किए गए बारूदी धमाकों से मकानों में दरारें

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अनूपपुर। जनपद जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत देवहरा व उससे सटे आसपास के क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों के घरो में कोयला खदान में किए जा रहे बारूदी धमाके के कारण दरारे पड़ गई हैं। देवहरा से सटे ई-सेक्टर खुली खदान में कोयला उत्पादन के लिए विस्फोटक पदार्थो का प्रयोग किया जा रहा है। बार-बार शिकायत के पश्चात किसी भी तरह की कार्रवाई न होने के कारण अब ग्रामीण आंदोलन करने की तैयारी में है। इससे पूर्व भी दर्जनों बार ग्रामीण और कालरी प्रबंधन समस्याओं को लेकर आमने सामने आ चुका है।

खदानों में उत्पादन के लिए प्रत्येक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाता है। लक्ष्य को पाने के लिए कॉलरी प्रबंधन द्वारा निर्धारित क्षमता से अधिक बारूद का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से होने वाले धमाको से ग्रामीण अंचल के घरो की दशा बदलती जा रही है। देवहरा में निवास करने वाले अधिकांश ग्रामीण एसईसीएल की ही विभिन्न खदानों में कार्यरत है। गांव के ही डॉ. राज तिवारी, राम कृष्ण पांडेय, लकी सिंह, मुकेश साहू, राजेन्द्र तिवारी समेत दो दर्जन लोगों के घर ऐसे है, जिनमें बड़ी-बड़ी दरारे पड़ गई है। बारूदी धामको के कारण न सिर्फ घरो में दरारे पड़ी है बल्कि प्राकृतिक जल स्त्रोत भी सूख चुके है। गांव की सीमा पर ही स्थित तालाब बारिश के खत्म होते ही पूर्णत: सूख चुका है। वहीं कुओ में भी पानी की गहराई अप्रत्याशित रूप से घटी हुई है।

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