दीपों के प्रकाश से जगमगाई अमावस्या की अंधेरी रात, आतिशबाजियों से गूंजा आकाश
By dsp bpl On 31 Oct, 2016 At 12:39 PM | Categorized As राजधानी | With 0 Comments

1भोपाल। बीती रात हर्षोल्लास तथा प्रकाश का पर्व दीपावली प्रदेशवासियों ने धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया। अमावस्या की अंधेरी काली रात दीपों के प्रकाश से जगमगा गई, वहीं शुभ मुहूर्त में घर-आंगन की आकर्षक सजावट कर, धन-धान्य की देवी विष्णुप्रिया मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि की कामना की, साथ ही आकर्षक व रंग-बिरंगी आतिशबाजियों से धरती और आकाश दोनों को गुंजायमान कर दिया। प्रदेश में रात 10 बजे के बाद पटाखे चलाने पर प्रतिबंध था, इसके बावजूद लोगों ने देर रात तक आतिशबाजी की और दीपावली की खुशियां मनाईं।

रविवार को राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर में देर रात तक दीपावली की धूम देखने को मिली। दिनभर बाजारों में उमड़ती भीड़ ने पटाखा बाजारों, मिठाई, हार-फुल, सजावट सहित समस्त आवश्यक सामग्रियों की दुकानों से उपयोगी वस्तुओं की जमकर खरीददारी कर पर्व की महत्वता को सार्थक बना दिया। शाम के समय शुभ मुहूर्त में मां महालक्ष्मी की विधिवत् पूजा-अर्चना के साथ ही सम्पूर्ण नगर दीपमालिकाओं एवं आकर्षक विद्युत रोशनी से जगमगा उठा। इस अवसर पर शहरभर में प्रत्येक घर तथा बाजारों में की गई नयनाभिराम विद्युत सज्जा ने प्रकाश पर्व के उल्लास व उमंग में खुशियों के रंग भर दिए।

अमावस्या की काली रात में दीपों की जगमगाहट ने अंधकार पर प्रकाश की विजय के अर्थ को सार्थक कर दिया। मां लक्ष्मी की पूजन कर लोगों ने धन-धान्य, सुख-समृद्धि तथा आरोग्यता की कामना के साथ-साथ विष्णुप्रिया से अपने परिवार में खुशियों की कृपा बरसाने की भी प्रार्थना की। लक्ष्मी पूजन के पश्चात् शुरू हुआ रंगारंग आतिशबाजी का दौर देर रात्रि तक चलता रहा। आसमान में छाए अमावस के अंधेरे में बिखरे रंग-बिरंगे आतिशबाजी के नजारों ने नयनाभिराम व मनोहारी दृश्य आकाश में उत्पन्न कर दिए। जिसके चलते बच्चों से लेकर उम्रदराज लोगों ने भी जोरदार आतिशबाजी से धरती एवं आकाश दोनो को गुंजायमान कर दिया।

रंगो में दिखे वीर सपूत

दीपावली पर्व पर पूरे शहर में घरों की दहलीज पर महिलाओं और युवतियों ने आकर्षक रंगोलियां सजाई। वहीं देश के खातिर सीमा पर कुर्बान होने वाले भारत के वीर सपूतों की छवि भी रंगों के माध्यम से दहलीज पर रौनक बढ़ाती नजर आई। सोमवारिया बाजार, कसेरा बाजार और धोबी चौराहे पर एक दीप शहीदों के नाम पर आधारित रंगोली सजाई गई।

गोवर्धन पूजा आज
सोमवार को सुबह प्रदेशभर भगवान गोवर्धननाथ की पूजा की जा रही है। महिलाओं द्वारा घरों के सामने गोबर से गोवर्धननाथ की आकृति बनाकर पूजन-पाठ किया गया। वहीं श्रीकृष्ण मंदिरों में भी इसको लेकर पूजा की गई।

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक यम द्वितीया कल

भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक यम द्वितीया को दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं। मान्यता है कि भाई की याद में व्याकुल बहन यमुना के घर भाई यमराज अचानक ही पहुंच गए थे, जिससे बहन यमुना बेहद खुश हुई और बहन के प्यार को पाकर यम ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना नदी में स्नान करेंगे तो उनकी मुक्ति हो जाएगी। इसी कारण इस दिन यमुना नदी में भाई-बहन के एक साथ स्नान करने का बड़ा महत्व है। इसी के साथ बहन यमुना ने वरदान लिया कि जो भाई इस दिन अपनी बहन से मिलेगा उसकी रक्षा और सुरक्षा यमराज करेंगे। तभी से भाई दूज का त्यौहार बहन भाई के प्यार के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

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