एक नवंबर से अनिवार्य होगा वाहनों में स्पीड गर्वनर, ट्रेक्टर-स्कूली बसें भी शामिल
By dsp bpl On 31 Oct, 2016 At 12:00 PM | Categorized As राजधानी | With 0 Comments

1भोपाल। मध्यप्रदेश में एक नवंबर से परिवहन विभाग ने सभी तरह के वाहनों में स्पीड गर्वनर अनिवार्य कर दिया है। इसमें आठ सीटर वाहनों समेत डंपर, ट्रैक्टर और स्कूल बसें भी शामिल हैं। स्पीड गवर्नर वाले वाहनों में अधिकतम गति 60 से 80 किमी प्रति घंटा तय रहेगी। 31 अक्टूबर तक सभी रजिस्टर्ड वाहनों में इसे लगाने के निर्देश जारी किए गए थे और 1 नवंबर से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा और साथ ही परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की जांच शुरू होगी। जांच में पकड़े गए वाहनों पर कार्रवाई होगी।

दरअसल प्रदेशभर में 1 नवंबर से कमर्शियल वाहनों की अंधाधुंध गति को कंट्रोल में लाने के लिए परिवहन विभाग ने यह निर्णय लिया है। इसके बाद तेज गति से वाहन नहीं दौड़ पाएंगे और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वाहनों में दो तरह के स्पीड गवर्नर लगाए जाना हैं। पहले स्पीड गवर्नर में गाड़ी की रफ्तार 60 और दूसरे से 80 किमी प्रति घंटे तक सीमित होगी। राज्य सरकार के आदेश मुताबिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट और यात्री बसों (स्टेट कैरेज) में 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाले वाले स्पीड गवर्नर लगेंगे। कमर्शियल श्रेणी के वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया था और इसके लिए आज अंतिम दिन है।

नए वाहनों में आता है स्पीड गवर्नर

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया स्कूल-कॉलेज बसों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं। नई बसों में स्पीड गवर्नर कंपनी से लगे भी आ रहे हैं। इधर आरटीओ ने बताया कि एक्शन प्लान बनाकर निगरानी कराएंगे। व्यवस्था तय मानकों के अनुसार लागू होगी। 1 नवंबर से परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस विभाग वाहनों की जांच करेगा। खासकर उन वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने आदेश के बाद भी अपने वाहनों में स्पीड गर्वनर नहीं लगवाए हैं।

इनमें अनिवार्य होगा गवर्नर

जिनकी क्षमता 9 यात्रियों से अधिक हो या प्राइवेट ट्रांसपोर्ट व्हीकल, ओमनी, बस, पर्यटन वाहन जिनकी क्षमता अधिक यात्रियों की हो।

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