Home धर्म-अध्यात्म जानें, क्या कहती हैं कि आपके हाथ की रेखाएं

जानें, क्या कहती हैं कि आपके हाथ की रेखाएं

59
0

आपने हाथ देखकर भविष्य बताने वालों के बारे में सुना या फिर देखा होगा। कुछ लोगों ने इसे धंधा ही बना लिया है। ऐसे लोग सड़क किनारे अपनी दुकान सजाकर बैठ जाते हैं और आने-जाने वालों की हस्त रेखाएं देखकर उनका भविष्य बताते हैं। ऐसे लोगों की भविष्यवाणी प्राय: सच नहीं निकलती, क्योंकि इन्हें हस्तरेखाओं की कोई जानकारी नहीं होती। ये लोग तो केवल अपना धंधा चलाकर पेट पालते हैं। लेकिन, ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि हाथ की रेखाओं का व्यक्ति के भाग्य से गहरा रिश्ता होता है।

शास्त्रों के अनुसार संसार में जो भी आया है उसका भाग्य जरूर होता है। भाग्य रेखा की बनावट पर निर्भर करता है कि व्यक्ति भाग्यशाली है या दुर्भाग्यशाली। हथेली में मध्यमा उंगली के नीचे शनि पर्वत होता है इसे ही भाग्य-स्थान माना जाता है। हथेली में कहीं से भी चलकर जो रेखा इस स्थान तक पहुंचती है उसे भाग्य रेखा कहा जाता है। हस्त रेखाओं का अच्छा जानकार आपके हाथ को देखकर बता सकता है कि आपका भविष्य कैसा होगा। आप पर क्या-क्या विपत्तियां आएंगी और आप अपने जीवन में किस क्षेत्र में सफल होंगे।

जिनकी हथेली में कलाई के पास से कोई रेखा सीधी चलकर शनि पर्वत पर पहुंचती है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत ही अधिक महत्वाकांक्षी और लक्ष्य पर केन्द्रित रहने वाला होता है। शनि पर्वत पर पहुंचकर रेखा अगर बंट जाए और गुरू पर्वत यानी तर्जनी उंगली के नीचे पहुंच जाए तो व्यक्ति दानी एवं परोपकारी होता है। यह उच्च पद और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।

लेकिन शर्त यह है कि इस रेखा को कोई अन्य रेखा काटती नहीं हो। जिस स्थान पर भाग्य रेखा कटी होती है जीवन के उस पड़ाव में व्यक्ति को संघर्ष और कष्ट का सामना करना पड़ता है। भाग्य रेखा लंबी होकर मध्यामा के किसी पोर तक पहुंच जाए तो परीश्रम करने के बावजूद सफलता उससे कोसों दूर रहती है।

अंगूठे के नीचे जीवन रेखा से घिरा होता शुक्र पर्वत। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अगर इस स्थान से कोई रेखा निकलकर शनि पर्वत पर पहुंचता है तो विवाह के बाद व्यक्ति को भाग्य का सहयोग मिलता है। ऐसा व्यक्ति किसी कला के माध्यम से प्रगति करता है। लेकिन इनके जीवन पर कई बार संकट के बादल मंडराते हैं क्योंकि भाग्य रेखा जीवनरेखा को काटकर आगे बढ़ती है।

हथेली के मध्यम में मस्तिष्क रेखा से निकलकर कोई रेखा शनि पर्वत तक जाना बहुत ही उत्तम होता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसा व्यक्ति सामान्य परिवार में जन्म लेकर भी अपनी योग्यता और लगन से सफलता के शिखर पर पहुंच जाता है। शनि पर्वती पर जाकर रेखा दो भागों में बंट जाना और भी उत्तम फलदायी होता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here