व्यापम में 1 और मौत, अब तक 24 गंवा चुके जान
By dsp On 29 Jun, 2015 At 12:18 AM | Categorized As भारत | With 0 Comments

इंदौर
MP-PAT-Results-2015मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में गिरफ्तार 30 वर्षीय सरकारी पशु चिकित्सक की जिला जेल में शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक के परिजन ने विचाराधीन कैदी के साथ जेल में मारपीट का संदेह जताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। वहीं, व्यापम घोटाले का खुलासा करने वाले एक प्रमुख व्यक्ति ने आशंका जताई है कि यह बंदी न्यायिक हिरासत के दौरान किसी साजिश का शिकार हुआ है।

जिला जेल के एक आला अधिकारी ने बताया कि व्यापम घोटाले में गिरफ्तारी के बाद नरेन्द्र सिंह तोमर (30) न्यायिक हिरासत के तहत 24 फरवरी से इस जेल में बंद थे। उसने शनिवार देर रात तबीयत खराब होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे महाराजा यशवंतराव अस्पताल ले जाया गया और वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापम घोटाले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। यह सभी लोग व्यापम घोटाले से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे। इनमें से किसी ने खुदकुशी की तो किसी की हत्या हुई और कुछ लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हुई है। घोटाला उजागर होने के बाद से अब तक इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों ने इस मामले को और भी पेचीदा और संवेदनशील बना दिया है।

इससे पहले घोटाले की जांच कर रहे विशेष दल एसआईटी ने हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में मामले से जुड़े 23 ऐसे मृतकों की सूची सौंपी थी, जिनकी अप्राकृतिक मौत हुई है। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव के बेटे शैलेष (50) का है, जिसकी मौत लखनऊ के मॉल एवेन्यू में उसके पिता के निवास पर हुई थी।

शैलेष का नाम ग्रेड तीन के शिक्षकों के रूप में 10 उम्मीदवारों की नियुक्ति को कथित रूप से पक्की करवाने के करोड़ों रुपए के घोटाले में आया था। एमपीपीईबी द्वारा वन रक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता में संलिप्तता को लेकर रामनरेश यादव (88) के विरुद्ध एसआईटी ने प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन संवैधानिक पद पर होने की वजह से हाई कोर्ट ने उन्हें राहत दे दी थी।
नरेंद्र सिंह तोमर की मौत के मामले में जेल अधिकारी के मुताबिक नरेंद्र की मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगी। शहर पुलिस अधीक्षक अजय जैन ने बताया कि विचाराधीन कैदी की मौत की मैजिस्ट्रियल जांच नियमों के मुताबिक की जाएगी।

उधर, नरेंद्र के छोटे भाई विक्रम सिंह तोमर ने संवाददाताओं से कहा ‘मुझे आशंका है कि मेरे भाई के साथ जिला जेल में मारपीट की गई थी। मेरे भाई की मौत का मामला बेहद संदिग्ध है और इसकी सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।’

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