नरेंद्र मोदी क्यों है सचिन तेंडुलकर की तरह…
By dsp On 18 Jun, 2015 At 11:37 AM | Categorized As खेल | With 0 Comments

modi-sachin-311_061815023104अमेरिका की एक कंसल्टेंट फर्म ने पीएम मोदी के एक साल के कार्यकाल की तुलना सचिन तेंडुलकर के साथ की है. आखिर क्यों? पढ़ें और जानें इस दिलचस्प तुलना को…

Source: ichowk.in

अमेरिका स्थित बहुराष्ट्रीय रियल एस्टेट कंसल्टेंट जोंस लैंग लासेल (JLL: Jones Lang LaSalle) ने पीएम मोदी के एक साल के कार्यकाल की तुलना सचिन तेंडुलकर के साथ की है. जानिए, क्यों दिलचस्प है यह तुलना…

क्रिकेट देखा है? IPL से पहले वाला! सचिन के युग वाला क्रिकेट!!! आहा… वो भी क्या दिन थे! तब  हार-जीत की अहमियत अपनी जगह थी, लेकिन सचिन के खेलते रहने, शतक बनाने, तेज गेंदबाजों को बढ़कर आगे मारने से ही कौतुहल बना रहता था. सचिन आउट, टीवी बंद. इंडिया का विकेट गिरा और इंडियन दर्शक खुशी से पागल!!! मतलब सचिन क्रिज पर आने वाले थे. सचिन को अगर गॉड ऑफ क्रिकेट कहा गया तो यह ज्यादती नहीं थी. स्टेडियम से लेकर ड्रेसिंग रूम तक यह दिखता भी था.

हमारे देश के पीएम नरेंद्र मोदी आज खुश हैं. 2009 से 2014 तक गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे मोदी को एकबार फिर क्रिकेट ने खुशी दी है. और खुशी भी उनके सबसे चहेते क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के कारण मिली है. दरअसल मोदी की तुलना सचिन से की गई है. भारत में आप भले ही पीएम हों, लेकिन सचिन के साथ आपका नाम जुड़ रहा है, यह आपके सीने को 56 इंच तक फुलाने वाली बात होगी. हालांकि इस तुलना में मोदी की तारिफों के साथ-साथ उनके सामने की चुनौतियों और आलोचनाओं का भी जिक्र है.

‘रिबूटिंग इंडियन रियल एस्टेट’ नामक रिपोर्ट में JLL ने पीएम मोदी के एक साल के काम को, उनकी पॉलिसी और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के उनके आक्रामक तरीके को सचिन की बैटिंग के समान बताया है. यह तो हुई तारीफ वाली बात. लेकिन इसी रिपोर्ट में सचिन के रन बनाने, मैच जिताने से ज्यादा उन पर शतक बनाने के दबाव, 125 करोड़ लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरने के दबाव की भी बात है.

JLL की रिपोर्ट कहती है, ‘पीएम मोदी ने देश की सुस्त पड़ चुकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर दौड़ा दी है. मंत्रालय में रेंगते फाइलों के दिन अब लद गए. फैसले फटाफट लिए जा रहे हैं. कीमतें स्थिर हैं, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है. कई सारी योजनाएं लाई गई हैं, जो न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी सराही गईं. लेकिन मोदी के लिए यह काफी नहीं है. उनके हर एक कदम, हर एक फैसले पर विपक्ष और लगभग अन्य सभी पार्टियां नजर गड़ाए रहती है. पीएम मोदी की असल परीक्षा आने वाले वर्षों में होगी.’

रिपोर्ट के अनुसार, ‘2012 में खत्म हुई 11वीं पंचवर्षीय योजना तक गरीब तबकों को प्रति वर्ष 23.4 लाख घर दिए जाने की अपेक्षा मात्र 12 लाख घर मुहैया कराए जा रहे थे. पीएम मोदी को इस बड़े अंतर को पाटना होगा. भूमि अधिग्रहण बिल, रियल एस्टेट बिल को पास कराना भी उनकी चुनौती है. 2022 तक सबके लिए आवास भी मोदी सरकार की सिरदर्दी बन सकती है.’

आलोचनाएं तो सचिन की भी कम नहीं हुईं. मोदी की भी होगी. अपेक्षाएं सचिन पर थीं, सो मोदी पर भी हैं. लेकिन सचिन ने जवाब हमेशा बैट से दिया. परफॉर्मेंस से दिया. पीएम मोदी को भी यही स्ट्रैटजी अपनानी होगी. अपने काम से अपने विरोधियों को जवाब दें. अभी चार साल बाकी हैं. और कई रिपोर्ट आएंगे. सचिन की तरह निश्चित ही मोदी भी रिकॉर्ड तोड़ते चले जाएंगे. पहला साल तो शुरुआती 15 ओवर है. अभी इन्हें बीच के ओवर में जमना है. आखिर के 10 ओवरों में स्लॉगिंग भी तो करनी है! राजनीतिक स्लॉगिंग…

इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. ये जरूरी नहीं कि आईचौक.कॉम या इंडिया टुडे ग्रुप उनसे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.

 

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>